यहां का घोटाला, वहां का घोटाला

अब आप सोच रहे होंगे कि इतने घोटालों के बाद आज मुझे घोटालों की याद क्यों आ गई... दरअसल मैं कुछ दिनों से कहीं interview की तैयारी कर रही थी, तो सोचा के कुछ घोटालों के बारे में ही पढ लेती हूं.... लेकिन google पर जब ऐंट्री मारी तो सोचा कि मैं भी अपने interview में कोई घोटाला कर दूं , मैंने सोचा की छोड़ो यार interview फिर कभी दूंगी क्योंकि घोटालों की लिस्ट ही बहुत लम्बी थी लेकिन फिर सोचा कि आज से ही तैयारी शुरू कर देती हूं तभी जा के तैयार हो पाऊंगी.... जब मैंने पढ़ना शुरू किया तो शुरूआत में ही फंस गई, क्योंकि 2 जी घोटाले से लेकर आर्दश सोसायटी घोटाले तक कई हजार करोड़ो रुपये फंसे पड़े है तो मेरा फंसना भी जायज़ ही है ना भई.... हर जगह तो कॉमन लोगो की वेल्थ फंसी प़डी है लेकिन मज़ाल है कि कलमाड़ी का कोई कुछ बिगाड़ पाया हो... गेम्स खत्म,घोटाला हज़म... चलो फिर मैं इसे छोड़ अगले घोटाले की ओर बढ़ी और सत्यम घोटाले का सत्य ढूंढने में लगी रही लेकिन सत्यम घोटाले का सत्य क्या है ये तो आज तक हमारी सरकार ही सामने नहीं ला पायी फिर मेरी क्या मज़ाल... फिर ये सोचती रही कि तेलगी मामले (स्टांप घोटाला) में भी सरकार कब अपनी फाइनल स्टांप लगाएगी... फिर याद आया कि अरे सरकार तो खुद बोफोर्स मामले में फंसी पढ़ी है.... कांग्रेस बीजेपी और बीजेपी कांग्रेस पर कमेंट मार रही है... सोनिया से लेकर लालू सभी इसी खेल के बेहतरीन खिला़ड़ी है.... अपने लालू यादव चारा घोटाले का पैसा तो कुछ इस कदर घोट के पी कर बैठे हैं कि क्या बताए... फिर अनाज घोटाला कैसे रह सकता है, अरे भई जब लालू इंसान हो कर चारा हजम कर सकते है तो कई और नेता मिल कर अनाज हजम क्यों नहीं कर सकते... खैर कुछ आगे बढ़ी तो सिटी बैंक घोटाले के बारे में जब डिटेल में पढ़ा तो इस बात का अहसास हुआ कि अगर सिटी बैंक के इतने लाखों- करोड़ों रुपयों का सहीं इस्तेमाल हुआ होता तो अपने देश की कई सिटी की किस्मत चमक जाती.... इससे पहले अगर मैं इन घोटालों के बारे में पढ़- पढ़ के अपना गला घोट देती मैंने टीवी देखना जरूरी समझा... लेकिन जैसे ही टीवी ऑन किया वहां IPL की मंडी चल रही थी... जहां क्रिकेटर्स को खरीदा बेचा जा रहा था... फिर क्या था उस मंडी के मोल- भाव से मुझे लगा कि इस IPL में कुछ तो झोल हैं... लेकिन तभी मुझे पिछले IPL में फंसे ललित मोदी और शशि थरूर की याद आ गई क्योंकि इन दोनों ने भी घोटालों की लिस्ट में खूब नाम कमाया था क्योंकि आप तो जानते है कि बदनामी में भी नाम जो होता हैं.... अरे भई ये हमारा देश हैं भारत.... यहां तो बच्चा पैदा होते ही कोई तगड़ा घोटाला करने की सोचता है क्योकि इन घोटालों में कुछ खास तो होता नहीं लेकिन NAME FAME और खासतौर पर MONEY तो जबरदस्त मिल ही जाती हैं... चलों इसे पढ़ के हमारे देश को और लोगो को तो कोई फायदा हुआ नहीं लेकिन मुझे तो जरूर हो गया क्योंकि मुझे लगता हैं कि अब मैं अपने interview के लिए तो तैयार हो ही गई हूं.... चलो अलविदा... बाय बाय... अरे रूकों रूको अपने हर्षद मेहता तो रह ही गए जो इतना बड़ा घोटाला कर के अपनी ज़िंदगी हर्ष- उल्लास से जी रहे हैं.... चलो अब हम चले, अगर कुछ रह गया हो तो सोच लेना कि मैंने भी लिखने मे घोटाला कर दिया है...
अपने कमेंट लिख कर जरूर बताना की मैं भी कहीं घोटालेबाज़ तो नहीं ???? आगर कुछ रह गया हो तो जरूर बताना हां...
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